ॐ।
ॐ।
ॐ।
संध्या प्रणाम।
संध्या प्रणाम।
आकाश आओ।
बैठो साथ मेरे।
चलो झांके हम
एक दूजे की आँखों में।
मै घुल मिल जाऊं
हो जाऊं तुझसा।
छूलूं तेरे साथ
चरणों को उसके।
मन में समालूँ
उसकी खुशबु।
बी.ऍम शर्मा
Showing posts with label आनंद की फुहारें. Show all posts
Showing posts with label आनंद की फुहारें. Show all posts
Sunday, May 9, 2010
Subscribe to:
Posts (Atom)